STORYMIRROR

यूँ ही सफर...

यूँ ही सफर के थमे रहने का ख़्याल रखना, यूँ मोहब्बत में इतना आगे तक निकल जाना, कई बार ज़ख्म दे जाता है इतने ज़्यादा गहरे, कि बीच में ही सफर छोड़ने का ख्याल आता है।

By Juhi Grover
 264


More hindi quote from Juhi Grover
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments