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यह एहसास कि तू...
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यह एहसास कि...
“
यह एहसास कि तू है नहीं माँ इस जहां में फिर भी तेरी दुआ की महक है मेरी सांसों में जब भी अंधेरो ने घेरा है मुझे राहों में तू दीपक बन जल उठी मेरे आसमानों में.... ✍️ रतना कौल भारद्वाज
”
By
Ratna Kaul Bhardwaj
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आसमां
एहसास
महक़
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Ratna Kaul Bhardwaj
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