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ये घर की...

ये घर की बात है। बाहर नहीं जानी चाहिये। हैरानी होती है सोचकर कि, बदनामी बात बाहर जाने से हो जाएगी उस कर्म से नहीं जिससे बात है। मगर कब तक ? जबकि सब जानते हैं कि सच एक दिन सामने अवश्य आता है। फिर भी......। NRG.

By Shashank Gupta
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