STORYMIRROR

उसे फिर...

उसे फिर दुल्हन सा सजाया गया जब उसका जनाजा उठाया गया तड़पी उम्र भर वो सिंदूर की खातिर सुहाग के हाथों ये कैसा स्वांग रचाया गया एकता कोचर रेलन

By Ekta Kocharrelan
 34


More hindi quote from Ekta Kocharrelan
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments