STORYMIRROR

उस बिरह की...

उस बिरह की रात में करवटें बदली दोनों ने ना जाने कितनी, जितनी सीने में उनकी साँसे चली और आंखो की पलके झपकी उतनी, हर एक हवा का झोंका जाने क्यु खामोश हुआ, हर आहट मे उन्हे एक दूजे के आने का एहसास हुआ,रोज़ सी रात से दिन फिर दिन से रात हुई है

By Neha yadav
 94