STORYMIRROR

उम्मीद रख...

उम्मीद रख क़ायम, कर्म अपना तू करता जा बाण चाहे चूक भी जाए, ऊँचे निशां तू रखता जा अर्जुन बन या कर्ण यहाँ, साथ सारथी रखता जा अपने हो या गैर सभी, इंसान की परख तू करता जा!

By Nirmita Vaishnav
 27


More hindi quote from Nirmita Vaishnav
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
20 Likes   0 Comments