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तू नदीया के...
“
तू नदीया के पार है,और में अभी भी मजधार मे हू। मन से छोड़ दिया सब,दिखावे के लिये संसार मे हू। जिम्मेदारीओ की बेड़िया हे,जानता हू कतार मे हू। कभी ना जन्म हो फिर उस मृत्यु के इंतजार मे हू। विपुल प्रीत
”
By
Vipul Borisa
22
मजधार
कतार
नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार।
मृत्यु
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hindi quote
from
Vipul Borisa
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