I am write my thoughts only,i am not a professional writer,but i learnt gazals some how and i also wrote some gujarati gazals in Chhand also.
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कुछ तो ऐसा लिखा हे मेने, जो ता-उम्र किसीको याद रहेगा इतना तो यकीन हे मुजे खुद पर, कुछ तो हे जो मेरे बाद रहेगा। -विपुल प्रीत-
घाँव पे इतना मरहम रहता है। उसकी यादों का करम रहता है। यू तो बसर हो जायेगी जींदगी, मौत का डर अब कम रहता है। विपुल प्रीत
શું કહું હવે હું તને એ એક જણ વિશે, ફૂલ છે ત્યાં,ખબર છે તેને એ રણ વિશે! મૌન નો મોભો અલગ છે,સંવાદ કરતા, એને ક્યાં સમજ મારી સમજણ વિશે. વિપુલ પ્રીત
हमने रोका हे,उन्हें तो आना है। हमें अब उस राह नही जाना है। खुदाया इतना करम कर दे,बस बहोत हुआ,अब तो मर जाना है। विपुल प्रीत
तू नदीया के पार है,और में अभी भी मजधार मे हू। मन से छोड़ दिया सब,दिखावे के लिये संसार मे हू। जिम्मेदारीओ की बेड़िया हे,जानता हू कतार मे हू। कभी ना जन्म हो फिर उस मृत्यु के इंतजार मे हू। विपुल प्रीत