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तुम हो...

“ तुम हो 'स्वर' को देने वाली, तुम ही 'वर्णों' की ज्ञाता हो। 'वसंत-पंचमी' के शुभ दिन, ज्ञान का दीप प्रज्वल करो। तुम सृष्टि की ज्ञान-दायिनी, बुद्धि-ज्ञान से समृद्ध करो।। //वीर// 🌻🌿🌻🌿🌻🌿🌻 ”

By Virender Veer Mehta
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