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तेरी यादों...

तेरी यादों की खंजर भी क़त्ल मेरा सरेआम करती है तेरे बाद ये मेरी तन्हाई मुझे दर्द बेहिसाब देती है तेरे चेहरे की रौशनी आँखों में मेरे आज भी है जब भी आँखे खोलता हूँ ये रौशनी आँखे चमका देती है

By Rani Sah
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