STORYMIRROR

ताप उगले...

ताप उगले सूरज ती शीतल छाँव बनाओ तुम कर्म है उसका ये तो अपना धर्म निभाओ तुम वसुधा पर तरु बनाकर रंग हरा बिखराओ तुम ताल तलैया भरें जल से सजीवता दर्शाओ तुम। -नीतू माथुर

By Nitu Mathur
 1


More hindi quote from Nitu Mathur
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments