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सुनिए...
“
सुनिए प्रकृति क्या कहती, ख़ुशियाँ बांटने को कहती, नाउम्मीदी में भी,बिना कर्म, गीता ज्ञान को व्यर्थ कहती।
”
By
Swati Kri
138
प्रकृति
प्रकृति प्रेमी बनिए
कर्मभूमिपरफलकेलिए
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Swati Kri
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