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सत्य की जब आत्मा...
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सत्य की जब...
“
सत्य की जब आत्मा में प्रतीति होती है, मस्तिष्क में भ्रम के सारे अंधेरे दूर हो जाते हैं। निर्मल भाव से ही सच्ची प्रीति होती है, हृदय के साधारण तार भी सुरमई हो जाते हैं।
”
By
Amit Singhal "Aseemit"
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Amit Singhal "Aseemit"
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