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सोमवार: अब...
“
सोमवार: अब रोज़ रोज़ क्या नया सुनाये हम, छत पर बाल सुखाती प्रिय पड़ोसन। कभी चाय पीते हुए पड़ोसी पड़ोसन, उन्हें देखकर आँखे फाड़ते मेरे नयन। 16052022:21:41pm
”
By
Sumit. Malhotra
51
कुछभीतोअबयादनहींक्याक्यामैंभूलगई।
रोज़ रोज़
बीतेदिनयादें
सुनाये हम
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hindi quote
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Sumit. Malhotra
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