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शत्रु-मित्र...
“
शत्रु-मित्र का जनक है होता, हमारा अपना निजी स्वभाव। दुश्मन अहंकार से बनते हैं, मन-मीत बनाएं दयालु भाव। # गायत्री सिंह #
”
By
Gayatri Singh
348
शत्रु-मित्र
निजी स्वभाव
अहंकार
दयालु भाव
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from
Gayatri Singh
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