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शायद हमारे जीवन...
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शायद हमारे...
“
शायद हमारे जीवन में जन्म के बाद, पहला साथी और शब्द होता है मां। हर असहनीय दुख और दर्द में होंठों, पर अनायास आने वाला शब्द है मां। किसी के दर्द से बिन स्वार्थ के द्रवित, होने वाला जग का इकलौता नाता है मां। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
273
जीवन में मधुरता
पहला साथी और शब्द
दुख और दर्द
बिन स्वार्थ
द्रवित
इकलौता नाता
आसमां
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hindi quote
from
Dhan Pati Singh Kushwaha
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