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रुकसत हुए...

रुकसत हुए सब ख्वाबों का काफिला लौट के आया है आज हमने तुम्हे चाँद और छत को आसमा बनाया है ख्वाब बैठे महफ़िल सजी सिर्फ तेरा ही जिक्र हुआ आज फिर अपना घर हमने तेरी यादों से सजाया है|||||||

By Ajay Tiwari
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