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रुकी थी...

रुकी थी इसी इंतज़ार में की, तू भी आजा फिर, साथ साथ ये सफर पूरा करेंगें, करिश्मा तो देख, तू आगे निकल गया और मैं इंतजार ही करती रह गई।

By Pragya Kumari
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