“
प्यार तो तू बहत ज्यादा करती है मुझे ,
पर तुझे बोलना नही आता ।
इसीलिए तेरे हर खामोशियों को भी
समझती हूं में ......।
तुझे भी पता है ...,
दुनिया में सबसे ज्यादा तुझे जानती हूं में ...।
पर फिर भी .....
तेरे दिल की बात कभी तो जुबान पे ला....,
जिसको में बस सुनती रहु....,
और तेरे वो प्यारे आंखो को बस देखती रहूं ..........।
Priyadarsini Das
”