STORYMIRROR

मेरे लिए...

मेरे लिए तुम और तुम्हारे लिए में एक खोली किताब तो है , पर क्या करे नसीब बंद कर देती है ये किताब , इसकी पन्नो को कही उलझा देती है , फिर भी तुम्हारे हर वो प्यार अनमोल है मेरे लिए , तुम्हे हक है इस किताब को खोल के हर एक शब्द को पढ़ने की. और मुझे हक है तुम्हे सम्भाल कर रखने की. By.Priyadarsini Das

By Priyadarsini Das
 17


More hindi quote from Priyadarsini Das
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments