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पत्र लिखा...

पत्र लिखा है पुत्र ने, आएगा इस बार। दीप जलाने साथ में, फिर पुरखों के द्वार। फिर पुरखों के द्वार, पर्व की धूम मचेगी। भक्ति भाव के साथ, लक्ष्मी-मातु पुजेगी। माँ के मुख पर आज, अनोखा रंग दिखा है आएगा इस बार, पुत्र ने पत्र लिखा है। - कल्पना रामानी

By कल्पना रामानी
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