STORYMIRROR

जब अँधियारा...

जब अँधियारा पाप का, फैले चारों ओर। ज्योत जलाएँ पुण्य की, दीप धरें हर छोर। दीप धरें हर छोर, कालिमा मिटे हृदय की फैले धवल प्रकाश, रात आए चिर जय की। सुख देगा तब मीत, दीप का पर्व हमारा हो अंतर से दूर, पाप का जब अँधियारा। - कल्पना रामानी

By कल्पना रामानी
 102


More hindi quote from कल्पना रामानी
2 Likes   0 Comments
2 Likes   1 Comments
5 Likes   3 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments