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पृथ्वी का कण-कण...
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पृथ्वी का...
“
पृथ्वी का कण-कण सुंदर होगा, इसके चप्पे-चप्पे पर होगी बहार। जो जड़-चेतन के प्रति निजता भाव हो, परस्पर एक-दूसरे को करें सब प्यार। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
328
पृथ्वी
प्रकृति के कण-कण में भगवान हैं
सुंदर
बहार
जड़-चेतन
निजता भाव
परस्पर निर्भर
प्यार
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hindi quote
from
Dhan Pati Singh Kushwaha
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