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प्रफुल्लित हर जन...
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प्रफुल्लित...
“
प्रफुल्लित हर जन है ऋतु बसंत में, प्रकृति ने सुंदरता की गठरी खोली। तैयार फसलें देख हर्षित किसान है, खुशियों में चार चांद लगाती है होली। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
372
प्रफुल्लित
ऋतु बसंत
सुंदरता की गठरी
हर्षित किसान
चार चांद
होली
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hindi quote
from
Dhan Pati Singh Kushwaha
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