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प्रकृति की...
“
प्रकृति की गोद में हम जन्मे बढ़े, बिन भेदभाव करती हमारा पोषण। करती है सदा हम सबका का विकास, संरक्षण करें न करें अविवेकपूर्ण शोषण। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
60
प्रकृति
पोषण
सर्वांगीणविकास
संरक्षण
अविवेकपूर्ण शोषण
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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