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प्रजातंत्र...
“
प्रजातंत्र में जहाँ तुम्हारे अधिकारों की शुरूआत होती हैं वहीँ से मेरे कर्तव्यों की शुरूआत होती हैं। कर्तव्यों पर खेद का बाना चढ़ जाता हैं अधिकार बेलगाम आगे बढ़ जाता हैं। । अर्चना कोचर
”
By
Archana kochar Sugandha
606
अधिकार
कर्तव्य
शुरूआत
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Archana kochar Sugandha
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