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पीले पीले सूरज...
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पीले पीले...
“
पीले पीले सूरज के रंगों में घुली सी प्यासी प्यासी धरा के वर्षा मे धुली सी दरख्त के नीचे सोया कोई राहगीर है हाँ ये बंधी हुई कोई जागीर है --कंचन प्रभा
”
By
Kanchan Prabha
248
सूरज
जागीर
पीले पीले
दरख्त
राहगीर
कंचन प्रभा
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hindi quote
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Kanchan Prabha
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