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"नज़र से...

"नज़र से मिली हई सच्चाई दिख रही है मुझे, इसलिये मेरी नज़र में आनंद को समा बैठा हूंँ। नज़र मेरी आंखो की बहुत निर्मल है "मुरली", इसलिये सब के दिल में जगह पा कर बैठा हूंँ।" -धनज़ीभाई गढीया"मुरली"

By Dhanjibhai gadhiya "murali"
 


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