STORYMIRROR

नज़्म अगर...

नज़्म अगर सिर्फ स्याही से लिखा जाता, तो ज़माना कलम का दीवाना होता। शायर मारे मारे फिरते बाजार में, कागजों का शामियाना होता।।

By Rishab Kapoor
 87


More hindi quote from Rishab Kapoor
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments