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निराशा से उपजी...
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निराशा से...
“
निराशा से उपजी उदासी हमारे लक्ष्य की प्राप्ति मेंबाधक न बने इसलिए हम सदैव आशा का दामन थामे हुए प्रसन्नता के भावों से परिपूर्ण रहें । @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
250
क्याहैकुंठा-घुटनक्याहैव्यथा-निराशा
उदासी
लक्ष्य की प्राप्ति
आशा का दामन
प्रसन्नता कृत्रिम प्राकृतिक
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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