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नाश नशा करता है...
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नाश नशा...
“
नाश नशा करता है धन का, नाश नशा करता है तन का। नाश नशा करता है मन का, नाश नशा करता यौवन का। नशे से खो जाता है सब मान, चहुं दिस ही होता है अपमान। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
331
नाश
नशा
धन का
तन का
मन का मेल
यौवन का
खो जाता हूं
सब मान
चहुं दिस
होता है अपमान
More
hindi quote
from
Dhan Pati Singh Kushwaha
सब देखें
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