STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
मुसीबतें बिन...
मुसीबतें बिन...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
मुसीबतें...
“
मुसीबतें बिन बताए आतीं हैं मुझे संघर्ष की परिभाषा बता जाती हैं मैं जितना लड़कर आगे बढ़ती हूँ ये उतना मुझे आज़माती है। पर मैं रुकूँगी नहीं.. हाँ लेकिन थक जाती हूँ कभी कभार एक साँस भर कर फ़िरसे आगे बढूंगी ए मुसीबत तुम आते रहो लगातार...
”
By
Nirupama Naik
237
मुसीबतें
संघर्षहीजीवनकासारबाकीसबमिथ्याव्याभिचार।
चलोफिरसेमुड़जातेहैंअलगअलगरास्तोसेंहम।यूँरिश्तोंकांबोझउठाकरमुसलसलबिखररहेहैंहम।।मुसलसर=लगातार
More
hindi quote
from
Nirupama Naik
सब देखें
27
Likes
0
Comments
21
Likes
0
Comments
23
Likes
0
Comments
13
Likes
0
Comments
25
Likes
0
Comments
13
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App