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मोहब्बत ये...

मोहब्बत ये उल्फत मेरी बस की बात नही ये इश्क़ क्या मर्ज ह मालूम नही गर महफ़िल में तेरा जिक्र हो मुख़तसर तू मेरे संग होता हैं।

By Kistu Kumari
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