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मंजिल को...
“
मंजिल को पाने हम चले पर रास्ते मे कुछ लोग मिले मैंने पुछा क्या ये रास्ता मेरे मंजिल की तरफ जाता है ये तो गलत है रास्ता तुम्हारा मंजिल उधर को जाता मेने उनकी बात है मानी और उस रास्ते पर मे गया,वहा जा कर पता चला वो रासते ही गलत है |
”
By
Shubham Sagar Singh
329
रासते
मंजिल
यूँ नाफरमानी से
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hindi quote
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Shubham Sagar Singh
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