STORYMIRROR

मन की राख ...

“ मन की राख दबी -चिंगारी- सा दहके - वक्त यहाँ -वहाँ...! सिसकती - सी चाहेँ - दम -तोड़ती अपने आप न जाने कहाँ... कहाँ..! ”

By Sunita Sharma
 222


More hindi quote from Sunita Sharma
13 Likes   1 Comments