STORYMIRROR

मेरे भी वो...

मेरे भी वो कुछ ख़्वाब थे जो पेट की आग में जल गये इस चकाचौंध वाले समाज में मासूम सपनें कुचल गये प्रभात

By प्रभात मिश्र
 342


More hindi quote from प्रभात मिश्र
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments