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मेरा अतीत...

“ मेरा अतीत और मैं, मैं और मेरे आंसू, मेरे आंसू और मेरी खुशियां मेरी खुशियां और मेरा आज.... ........... कभी उन्माद ....तो कभी अवसाद, क्या भूलूँ .....और क्या याद करूँ! ”

By Anjani Kumar Singh
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