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मैं दुनिया था...
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मैं दुनिया...
“
मैं दुनिया था जिनकी कभी, अब अपना अलग जहां मांगते हैं। मरते थे मुझ पर किसी ज़माने में जो, अब मेरे मरने की दुआ मांगते हैं।
”
By
Mayank Verma
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आणिनितीमत्ताजिवनाचेहेत्रीसुत्रअंगिकारूनचालतराहणे.हाचजीवनप्रवासहोय.🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸भंडारा
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