STORYMIRROR

ये कहां...

ये कहां रंगों, तारीखों में बंधता है, कब ज़रूरत के वक्त ही उमड़ता है। ये वतन परस्ती का जज़्बा है, रगों में दौड़ता है, दिल में धड़कता है। -निमिशाम्

By Mayank Verma
 40


More hindi quote from Mayank Verma
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
51 Likes   0 Comments
51 Likes   0 Comments
6 Likes   0 Comments