STORYMIRROR

ये कहां...

“ ये कहां रंगों, तारीखों में बंधता है, कब ज़रूरत के वक्त ही उमड़ता है। ये वतन परस्ती का जज़्बा है, रगों में दौड़ता है, दिल में धड़कता है। -निमिशाम् ”

By Mayank Verma
 48


More hindi quote from Mayank Verma
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
51 Likes   0 Comments
51 Likes   0 Comments
6 Likes   0 Comments