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मैं और तुम...
“
मैं और तुम इस तरह मिलने पे एक दूसरे से अनजान क्यों बन जाते है। :- AKN
”
By
अभिमन्यु कुमार
222
जयम
तनहासीजिंदगीमेंलोगभीबेगानेसेलगतेहैंअपनेपरायेकीपहचानमेंसभीअनजानेसेलगतेहैं
तुम
मिलना
मैंजिन्दाहूँ
औरतनहाईयोंमेरोनेकेलियेइन्सानकेभितरहौसलाहोनाचाहिये...🌸🌸🌸🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि
बनना
कलमकासाथ
प्यार
तकरार
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hindi quote
from
अभिमन्यु कुमार
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