STORYMIRROR

माॅ॑ है घर...

माॅ॑ है घर की शान निराली। फैली रहती घर में हरियाली। बिन माॅ॑ के सूना घर आॅ॑गन। माॅ॑ बिन नहीं लगता है मन। कभी न दिल माॅ॑ का दुखाना। माॅ॑ बिन नहीं कहीं ठिकाना। ममता की मूरत बस माॅ॑ है। खुशियों का सागर भी माॅ॑ है।

By Suresh Sachan Patel
 371


More hindi quote from Suresh Sachan Patel
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments