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क्यूँ डरे...
“
क्यूँ डरे हम आलोचना से, आओ ख़ुद को निखार लें, जो आज कमियाँ तलाशते हैं मुझमें, उनको भी गले लगा लें। जब आयेगा कामयाबियों का दौर, ये ख़ुद नज़रें झुकाए खड़े नज़र आएँगे आओ अभी इनको अपने नज़रों में कुछ पल नवाज दें।। Aishani
”
By
Aishani Aishani
353
आलोचना
नज़र
मनकेहारेहारहैमनकेजीतेजीतअपनेमनकोखुशरखिएसदैवसफलताहासिलकिजीए
दौर
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Aishani Aishani
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