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कुछ ख़ामोश थी वो...
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कुछ ख़ामोश...
“
कुछ ख़ामोश थी वो 21 की आख़िरी रात, जब टटोला तो फ़फ़क कर रो पड़ी, और बोल उठी 22 लग रहा है नव वर्ष कह कर जाने क्या सुलूक होगा इसके साथ बस यही सोचकर...!! Aishani
”
By
Aishani Aishani
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उदासी
सुलूक
ख़ामोश
आख़िरी
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Aishani Aishani
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