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ख़ुमार-ए-इश्क़ में...
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ख़ुमार-ए-इश्क़...
“
ख़ुमार-ए-इश्क़ में गर बहक जाऊ मैं, सिमटकर मेरी बाहों में आ जाना, ये आंखों से छलकता प्यार है, किसी और के लिए न दिखाना ।।
”
By
Vasudha Khandare
356
खुमार
इश्क
बहक जाना
सिमटकर
आंखों का प्यार
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hindi quote
from
Vasudha Khandare
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