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काश की मैं...

काश की मैं हवा होती, न तुमसे कभी जुदा होती, सरसरा के तुम्हारे दामन से, होकर गुज़र जाती, न ज़माने को खबर, ये उम्र भर होती। -ज्योति अग्निहोत्री

By Jyoti Agnihotri
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