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काश कभी ऐसा...

काश कभी ऐसा हो कि वो शिरीन और हम फ़रहाद हो जाये जो मान गई वो तो हम उसकी माँ के लाडले दामाद हो जाये और उससे चैटिंग के खातिर ही तो ऑनलाइन आया हूँ मैं कम्बख्त जिस दिन ऑनलाइन ना आये, डेटा बर्बाद हो जाये ~ समर प्रदीप

By Samar Pradeep
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