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जुझते रहे ,तब भी...
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जुझते रहे...
“
जुझते रहे ,तब भी हम अकेले , जब सबसे ज्यादा तेरी दरकार थी , कैसे देते तुझे कोई गम , तेरी खुशियाँ जो हम पर उधार थी ©️ itu
”
By
Krishna Sinha
358
अकेलेकदम
दरकार
जुदाहोकरमिलनेकावादाकरो/इकरारआनेकाज्यादाकरो.मुहब्बतमेंजीनेकायेहीचलनहै/बनोश्याममेरानामराधाधरो
खुशियाँ
उधारी
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hindi quote
from
Krishna Sinha
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