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जो हर तन-मन को...
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जो हर तन-मन...
“
जो हर तन-मन को रंगीन बनाकर, बिखराए दिग-दिगंत में हंसी-ठिठोली। सीमित नहीं किसी समुदाय-वर्ग तक, उल्लास-उमंग का ही त्यौहार है होली। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
391
तन-मन
रंगीनजिंदगी
हॅंसी-ठिठोली
समुदाय-वर्ग
उल्लास-उमंग
होली
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hindi quote
from
Dhan Pati Singh Kushwaha
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