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जननी है तू जगत...
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जननी है तू...
“
जननी है तू जगत की,तुझसे ही संसार। जगदंबा से रूप हैं, माॅं तेरे उपकार।।
”
By
Dipnarayan Jha
42
जननी
जिवनजगताना
नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार।
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hindi quote
from
Dipnarayan Jha
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