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जीव जगत के जग...
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जीव जगत के...
“
जीव जगत के जग रहे,जागे माखन चोर।जग कोलाहल से भरा, अभी हुई है भोर।।
”
By
Dipnarayan Jha
24
आणिनितीमत्ताजिवनाचेहेत्रीसुत्रअंगिकारूनचालतराहणे.हाचजीवनप्रवासहोय.🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸भंडारा
जिवनजगताना
माखनचोर
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Dipnarayan Jha
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